Friday, November 19, 2021

मुहावरे और उनका अर्थ

 






मुहावरे और उनका अर्थ

जब  कोई पद-समूह (जो वाक्य नहीं है) वाक्य में इस प्रकार प्रयुक्त हो कि अपने वाच्यार्थ को छोडकर कोई विलक्षण अर्थ प्रकट करे तब ऐसे प्रयोग को और इस प्रकार प्रयुक्त पद-समूह को मुहावराकहते हैं ।

   जो वाक्यांश सामान्य अर्थ का बोध न कराकर विशिष्ट अर्थ का बोध

कराते हैं , उनको मुहावरा कहते हैं ।

   मुहावरा ,सदैव लक्षणा शक्ति से अपने अर्थ को अभिव्यक्त करता है । इसके प्रयोग से भाषा सबल,सहज,सटिक और प्रवाहपूर्ण हो जाती है । इतना ही नही, इसके प्रयोग से शैली भी चमत्कारपूर्ण हो जाती है । 

   मुहावरों में थोड़े-से शब्दों में बहुत अधिक भाव गुंफित रहते हैं । अतः , इनसे भाषा जीवंत और रोचक हो जाती है । तो चलिए शुरू करते है -  मुहावरे और उनका अर्थ ।

घी के दिये जलाना बहुत खुशी मनाना ।

घुटने टेकना हार स्वीकार करना ।

घर का उजाला सम्मान बढ़ाने वाला ।

घोड़े बेचकर सोना चैन की नींद सोना । 

चल बसना मर जाना ।

चादर के बाहर पैर पसारना आय से अधिक खर्च करना ।

चाँदी होना लाभ होना । 

चंगुल में फंसना किसी की बातों में आ जाना।

छक्के छुड़ाना बुरी तरह हराना । 

छू-मंतर होना गायब होना।

चार चाँद लगाना प्रतिष्ठा बढ़ाना 

चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना घबरा जाना ।

चुल्लू भर पानी में डूब मरना- शर्मिंन्दा होना ।

चिकना घड़ा कुछ भी असर न होना । 

चार सौ बीस धोखेबाज ।

छटी का दूध याद आना बहुत कष्ट होना।

छप्पर फाड़कर देना बिना मेहनत खूब धन प्राप्त होना ।

छाती पर साँप लोटना ईर्ष्या से जलना।

छोटा मुँह बड़ी बात करना शेखी बघारना । 

जान पर खेलना प्राणों की परवाह न करके काम करना ।

जान के लाले पड़ना घोर विपत्ति में फँसना ।

जूती चाटना खुशामद करना ।

जहर उगलना खरी खोटी सुनाना ।

टस से मस न होना अपनी बात पर दृढ़ रहना । 

टाँग अड़ाना दखल देना ।

टेढ़ी खीर होना बहुत कठिन काम ।

टपक पड़ना अचानक आ जाना ।

टाल मटोल करना बहाने बनाना ।

टका सा जवाब देना साफ़ इन्कार कर देना । 

टूट पड़ना धावा बोलना / हमला बोलना ।

ठंडा होना मर जाना।

ठिकाने लगाना मार डालना ।

ठोकरें खाना दुख उठाना ।

डंका बजाना धूम मचाना । 

डूब मरना अधिक लज्जित होना।

तेली का बैल होना बहुत काम करना ।

तारे गिनना व्यग्रता में प्रतीक्षा करना ।

तेवर बदलना क्रुद्ध होना ।

तितर-बितर होना बिखर कर बँट जाना। 

तलवे चाटना खुशामद करना ।

दाँत काटी रोटी होना गहरा सम्बध होना।

दाँत खट्टे करना हराना ।

दाल में काला होना कुछ भेद/ रहस्य की बात होना।

दायाँ हाथ होना बड़ा सहायक होना । 

दुम दबाकर भागना चुपचाप खिसक जाना।

दो नावों पर पैर रखना दो पक्षों का होना।

दिन फिरना स्थिती में परिवर्तन आना।

दिन दूना रात चौगुना तेजी से बढ़ना ।

नमक मिर्च लगाना बढ़ा चढ़ा कर कहना। 

नाकों चने चबना  - बहुत परेशान होना।

नाक में दम करना बहुत परेशान करना।

नाक कटना बेइज्जत होना।

नाक फूलना नाराज़ होना।

नाक रगड़ना माफी माँगना । 

नौ दो ग्यारह होना भाग जाना।

पैरों तले ज़मीन खिसकना घबरा जाना 

प्राणों की बाज़ी लगाना जान कुर्बान करना ।

फूँक फूँक कर कदम रखना बहुत सोच समझकर काम करना।

फूला न समाना बहुत प्रसन्न होना । 

फूटी आँख न सुहाना ज़रा भी अच्छा न लगना।

नानी याद आना बहुत घबरा जाना ।

पेट में चूहे दौड़ना बहुत भूख लगना ।

पानी-पानी होना लज्जित होना ।

पट्टी पढ़ाना चालाकी सिखाना   

पसीना-पसीना होना बहुत घबरा जाना।

बहती गंगा में हाथ धोना मौके का लाभ उठाना ।

बाग- बाग होना बहुत प्रसन्न होना।

बाँह पकड़ना सहारा देना ।

बुद्धि घास चरने जाना दिमाग काम न करना। 

बुद्धि भ्रष्ट होना दिमाग से काम न लेना ।

बगुला भगत होना कपटी होना ।

बात का धनी वचन का पक्का ।

बोलबाला होना धूम होना ।

भीगी बिल्ली बनना डर जाना। 

माथा ठनकना अनिष्ट का संदेह होना ।

माथे पर बल पड़ना तनावग्रस्त होना ।

मुँह की खाना बुरी तरह हारना ।

मुँह में पानी आना लालच पैदा होना ।

मुँह ताकना दूसरों पर निर्भर होना । 

मुँह छिपाना लज्जित होना।

मन में लड्डू फोड़ना कल्पना में सुख का आनन्द लेना ।

मिट्टी का माधो महामूर्ख होना ।

मीठी छुरी होना मीठी-मिठी बातें करकें हानि पहुँचाना ।

मारा-मारा फिरना व्यर्थ घूमना । 

मक्खियाँ मारना खाली रहकर समय बिताना ।

मन मोह लेना आकर्षित करना ।

रंग में भंग होना आनन्द में विघ्न पड़ जाना ।

रफूचक्कर होना भाग जाना।

रोड़ा अटकाना रुकावट डालना । 

रंग चढ़ना प्रभाव पड़ना ।

रंग लाना असर दिखाना ।

राई का पर्वत करना छोटी सी बात को बहुत बढ़ाना ।

लाल-पीला होना क्रोधित होना ।

लोहा लेना मुकाबला करना । 

लोहा मानना दूसरे की शक्ति स्वीकार करना।

लुटिया डुबोना सारा काम बिगाड़ देना।

लकीर का फकीर होना पुरानी रीति का गुलाम होना ।

विष उगलना कठोर और निंदा भरे वचन कहना ।

श्री गणेश करना शुरू करना। 

सिर उठाना विद्रोह करना।

सिर-आँखो पर बिठाना बहुत आदर करना।

सिर पर खून सँवार होना मरने-मारने पर उतर आना ।

सिर मुँड़ाते ही ओले पड़ना कार्य आरम्भ करते ही हानि होना।

हाथ मलना पछताना । 

हाथ पाँव फूलना डर के मारे घबरा जाना ।

हाथ पैर मारना बहुत प्रयत्न करना ।

हाथोंहाथ बहुत जल्दी ।

हाथ बँटाना सहायता करना ।

हाथ को हाथ न सूझना कुछ दिखाई न देना । 

हाथ धोकर पीछे पड़ना बुरी तरह पीछे पड़ना ।

हाथ फैलाना माँगना ।

हथियार डालना हार मान लेना ।

हवा बदलना समय,भाग्य या परिस्थिति में अंतर आना।

हवा लगना असर होना। 

हवा हो जाना भाग जाना / गायब हो जाना।

अपना उल्लू सीधा करना स्वार्थ सिद्ध करना ।

आँसू पीकर रह जाना चुपचाप दुःख सहना ।

कलेजा ठंण्डा होना संतोष होना ।

अन्धे की लकड़ी- एक मात्र सहारा । 

आसमान पर चढ़ाना अधिक प्रशंसा करना।

आठ-आठ आँसू रोना पछतावा या अधिक रोना ।

आस्तीन का साँप कपटी मित्र ।

ईंट से ईंट बजाना बरबाद कर देना ।

उन्नीस-बीस होना थोड़ा बहुत अन्तर होना । 

कोख का हीरा सुपुत्र ।

गूलर का फूल होना दिखाई न देना ।

आँखे चार होना प्रेम करने लगना 

खून पसीना एक करना कठोर परिश्रम करना ।

हाथ साफ करना वस्तू चुरा लेना । 

भारी पड़ना श्रेष्ठ सिद्ध होना ।

हाथ-पैर फूल जाना डर से घबरा जाना ।

सिर गंजा करना बुरी तरह पिटना ।

अपना सा मुँह लेकर रह जाना लज्जित होना ।

अपने पाँव पर आप कुल्हाडी मारना अपनी हानि स्वयं करना । 

अंग-अंग खिल जाना बहुत खुश होना।

बातें बनाना गप्पे हाँकना ।

नौ-दो ग्यारह होना भाग जाना ।

पाला पड़ना वास्ता पड़ना ।

दाँत खट्टे करना बुरी तरह हरा देना । 

हाथ-पैर मारना कोशिश करना ।

आँखो में खटकना बुरा लगना ।

आँखो का काँटा खटकने वाला (अप्रिय ) व्यक्ति 

आँखो से गिरना मान कम हो जाना ।

आँख उठाकर न देखना अधिक क्रोधित होना   

अँगुली उठाना दोष लगाना ।

अंग छूना शपथ लेना ।

अंगारे उगलना कठोर वचन कहना ।

आँखे खुलना होश में आना ।

आँखे बिछाना स्वागत करना   

आँखे दिखाना क्रोध से देखना ।

अंग-अंग ढीला होना बहुत थक जाना।

अक्ल के दुश्मन मूर्ख ।

आग बबूला होना बहुत क्रुद्ध होना ।

आँख का तारा होना बहुत प्यारा   

आँख लगना -  नींद आना ।

 

 

Wednesday, November 17, 2021

मुहावरे - अर्थ और वाक्य में प्रयोग

 





मुहावरे, अर्थ और उनका वाक्य में प्रयोग

मुहावरे

अर्थ और 

वाक्य में प्रयोग

मुहावरे :

जब कोई पद-समूह (जो वाक्य नहीं है) वाक्य में इस प्रकार प्रयुक्त हो कि अपने वाच्यार्थ को छोडकर कोई विलक्षण अर्थ प्रकट करे तब ऐसे प्रयोग को और इस प्रकार प्रयुक्त पद-समूह को मुहावराकहते हैं ।

मुहावरा ,सदैव लक्षणा शक्ति से अपने अर्थ को अभिव्यक्त करता है । इसके प्रयोग से भाषा सबल,सहज,सटिक और प्रवाहपूर्ण हो जाती है । इतना ही नही, इसके प्रयोग से शैली भी चमत्कारपूर्ण हो जाती है । 

मुहावरों में थोड़े-से शब्दों में बहुत अधिक भाव गुंफित रहते हैं । अतः , इनसे भाषा जीवंत और रोचक हो जाती है । तो चलिए शुरू करते है , मुहावरे , उनका अर्थ और वाक्य में प्रयोग ।

01.आँखे भर आना = दुखी होना ।

     कम अंक मिलने पर राकेश की आँखे भर आईं ।

02.आँखे मुँदी जाना = नींद आना ।

     कठोर परिश्रम के कारण सविता की आँखे मुँदी जाने लगी ।

03.आगे कदम रखना = प्रारंभ करना ।

       परमाणु क्षेत्र में बहुत वर्षों पहले भारत ने आगे कदम रखा है ।

04.उकता जाना = ऊब जाना ।

     बार-बार उसी गाने को सुनकर मैं उकता गया ।

05.ओझल होना = दिखाई न देना ।

      बाढ़ में गाँव देखते-ही-देखते ओझल हो गया ।

06.कहीं का न रहना = बरबाद हो जाना ।

      तीन मिनट के भूकंप ने शहर को कहीं का नहीं रखा ।

07.कान खड़े होना = सतर्क होना , चौकन्ना होना ।

      हल्की-सी आहट पर भी सैनिकों के कान खड़े हो जाते है 

08.कान खोलकर सुनना = ध्यान से सुनना ।

      वक्ता के प्रभावशाली भाषण को सभी कान खोलकर सुन रहे थे ।

09.कान पर जूँ न रेंगना = अनसुना करना ।

      अध्यापक द्वारा चेतावनी देने पर भी प्रतीक के कानों पर ज्यूँ न रेंगी ।

10.काम तमाम करना = मार डालना ।

       राजा ने दुष्ट राक्षस का काम तमाम कर दिया ।

11.किलकारी भरना = बच्चों का हँसकर चील्लाना ।

       माँ को देखते ही बच्चा किलकारी भरने लगता है ।

12.खदेड़ देना = भगाना ।

       अजय ने कौए को अपनी गुलेल से खदेड़ दिया ।

13.खरी-खोटी सुनाना = भला-बुरा कहना ।

       मामूली-सी बात पर खरी-खोटी सुनाना अच्छी बात नहीं है ।

14.खुशी का ठिकाना न रहना = बहुत खुशी होना ।

       परीक्षा में सर्वप्रथम आने पर अमिता कि खुशी का ठिकाना न रहना ।

15.गले से लगाना = प्रेमपूर्वक अपनाना ।

       पश्चाताप व्यक्त करने पर माँ ने बेटे को गले लगाया 

16.घर का न घाट का = कहीं का न होना ।

     मेरा निर्णय गलत होने के कारण मैं न घर का न घाट का हो गया ।

17.घुल-मिल जाना = घनिष्ठता उत्पन्न होना ।

      सैर में सभी छात्र एक-दूसरे से घुल-मिल जाते हैं ।

18.चने के झाड़ पर चढ़ाना = झूठी प्रशंसा करना ।

      अपने स्वार्थ के लिए लोग दुसरों को चने के झाड़ पर चढ़ाते हैं ।

19.चने के झाड़ पर चढ़ाना = झूठी प्रशंसा करना ।

      अपने स्वार्थ के लिए लोग दुसरों को चने के झाड़ पर चढ़ाते हैं ।

20.चुस्त-दुरुस्त रखना = स्वस्थ रहना ।

     खिलाड़ी को हमेशा ही चुस्त-दुरुस्त रहना चाहिए ।

21.जी-जान से प्रयत्न करना = पूर्ण रूप से प्रयत्न करना ।

     परीक्षा के लिए अस्मिता ने जी-जान से प्रयत्न किया 

22.झपट्टा मारना = झपटकर छीन लेना ।

     आखिर बिल्ली ने चूहे पर झपट्टा मार ही दिया ।

23.ठंडा होना = मर जाना ।

     अत्यधिक ठंड के कारण कई लोग ठंडे हो गए ।

24.ठग लेना = धोका देना 

      मीठी-मीठी बातों से किसी को भी ठग लेना अच्छी बात नही ।

25.ठग लेना = धोका देना 

      मीठी-मीठी बातों से किसी को भी ठग लेना अच्छी बात नही ।

26.तरस जाना = कोई चीज पाने या देखने की तीव्र इच्छा होना ।

      भारतमाता को स्वतंत्र देखने के लिए लोगों की आँखे तरस गई थी ।

27.दम घुटना = अत्यधिक कष्ट होना ।

      कमरे  में फैले धूएँ से माधुरी का दम घुटने लगा ।

28.दाँत निपोरना = निर्लज्जता से हँसना ।

      गलती बताने पर भी सूरज दाँत निपोरता रहा ।

29.दाँव-पेंच खेलना = चाल चलना 

       शतरंज के खेल में दाँव-पेंच खेलने पड़ते है ।

30.दाद देना = प्रशंसा करना ।

     मैच जीतने के कारण हर कोई खिलाड़ियों को दाद देता रहा ।

31.दावा पेश करना = अधिकार जताना 

      हड़प किए हुए अपने मकान पर रामू ने दावा पेश किया 

32.नाक कटना = प्रतिष्ठा धूल में मिलना ।

       कबड्डी की प्रतियोगिता में हारने के कारण हमारी नाक कट गई ।

33.नाको चने चबाना = बहुत तंग करना ।

      बच्चे नई-नई चीजें माँगकर माँ को नाको चने चबवाते हैं ।

34.नामो-निशान न होना = पूरी तरह मिट जाना ।

      भूकंप ने उस शहर का नामो-निशान मिटा दिया ।

35.परवान चढ़ना = सफलता के उच्च शिखर पर पहुँचना ।

    डा.होमी जहाँगीर भाभा अपनी ध्येयपूर्ति के लिए परवान चढ़ गए ।

36.पहाड़ टूट पडना = विपत्ति आना ।

      पिता जी की नौकरी न रहने के कारण परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा ।

37.पानी-पानी होना  = लज्जित होना ।

     नकल करते हुए पकड़े जाने पर छात्र पानी-पानी हो जाते हैं ।

38.प्रस्थान करना = चल पड़ना ।

       रेलगाड़ी ने निर्धारित समय पर मुंबई के लिए प्रस्थान किया ।

39.फूला न समाना = बहुत प्रसन्न होना ।

     आदर्श छात्रा का पुरस्कार पाने के कारण कीर्ती फूली न समाई ।

40.मन ललचाना = किसी चीज के प्रति मोह होना ।

      इमली को देखकर बच्चों का मन ललचाने लगता हैं ।

41.मुस्तैदी के साथ = पूरी तैयारी के साथ ।

      खिलाड़ी मुस्तैदी के साथ मैदान पर खेलने के लिए उतरे ।

42.रंग चढ़ना  = प्रभाव होना ।

     लोगों पर नए डिजाइन के कपड़ों का बड़ी जल्दी रंग चढ़ता है ।

43.रुआँसा होना = दुखी होना,उदास होना 

      गणित में कम अंक मिलने पर मैं रुआँसा हो गया ।

44.रफू चक्कर होना = भाग जाना 

     पुलिस को देखकर चोर रफू चक्कर हो गया ।

45.लोहा मानना = श्रेष्ठत्व स्वीकार करना 

      संपूर्ण विश्व ने संगणक क्षेत्र में भारत का लोहा मान लिया है ।

46.वज्रपात होना = अचानक बड़ा भारी संकट आना ।

      अकाल वर्षा के कारण किसानों पर वज्रपात हुआ ।

47.सिर चकराना =कुछ समझ में न आना 

       दुर्घटना को देखकर प्रमोद का सिर चकराने लगा ।

48.संकल्प करना = प्रण करना  

      हमने आज से निरक्षरता को दूर करने का संकल्प किया हैं 

49.सिर झटकना = तिरस्कार प्रकट करना ।

      मेरी प्रार्थना न सुनकर उसने सिर झटक दिया ।

50.हक्का-बक्का रह जाना = विस्मित रह जाना 

      ताजमहल को देखकर सब हक्के-बक्के रह जाते हैं ।

51.हरकत करना = हिलना 

      साँप मेंढक को देखते ही हरकत में आ गया ।

52.हाथ मिलाना = मित्र बनाना ।

      बुद्धिमान विद्यार्थी से सभी हाथ मिलाना चाहते हैं ।

53.हिलने का नाम न लेना = दृढ़ रहना,अडिग रहना ।

       गोलियाँ चलती रहीं पर सैनिकों ने हिलने का नाम न लिया ।

54.होश उड़ना = डर जाना ।

       शेर को देखते ही हमारे होश उड़ गए ।

धन्यवाद !